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Saturday, October 19, 2019

जानें, यशस्वी को गॉगल्स क्यों नहीं पहनने देते थे कोच

नई दिल्लीजिद करो, दुनिया बदलो। यह जुमला इन दिनों अगर किसी पर फिट बैठ रहा है तो वह हैं मुंबई के 17 साल के क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल। यशस्वी को भी अन्य बच्चों की तरह कुछ शौक थे, लेकिन कोच की सख्ती ने उन शौक को उनके लिए चुनौती बनाया और आज नतीजा यह है कि उनके बल्ले की धमक पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। नहीं पहनने दी गॉगल्सज्वाला ने बताया कि यशस्वी ने सनग्लास के लिए कई बार उनसे डिमांड की। उसकी जिद देखकर उनको लग गया कि वह इसे पूरा करने के लिए किसी भी चुनौती को स्वीकार कर सकता है। ज्वाला ने बताया, 'जब वह मुंबई अंडर-19 के लिए खेल रहा था तब आखिरी बार मुझसे कहा कि सर स्लिप में फील्डिंग के दौरान थोड़ी दिक्कत होती है। क्या मैं अब सनग्लास लगा सकता हूं? मैंने कहा अभी सनग्लास पहनने का तेरा टाइम नहीं आया है। जब उसने झारखंड के खिलाफ 200 किया तो मैंने उसे खुद कहा कि अब गॉगल्स लगा सकते हो। मैं खुद आज उसके लिए गॉगल्स लेकर आया हूं।' पढ़ें: इस बारे में यशस्वी कहते हैं- स्लिप में फील्डिंग के दौरान कई बार मुझे विकेटकीपर या फिर दूसरे खिलाड़ी अपना गॉगल्स दे देते थे। मैंने उस दौरान भी कभी उसे नहीं पहना और सिर के पीछे उसे लगाया। जब शनिवार को सर का फोन आया कि मेरे लिए गॉगल्स खरीद लिया है तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं उनकी बाकी चुनौतियों को भी पूरा करने की कोशिश करूंगा। पढ़ें: हेलमेट के लिए डांटाज्वाला ने बताया कि ऐसी ही एक चुनौती उसने हेलमेट के लिए स्वीकारी। उन्होंने कहा, 'दो साल पहले उसे 10 हजार रुपये का कूपन मिला। उस समय उसके पास अच्छा हेलमेट नहीं था। इस कूपन का वह हेलमेट खरीद कर ले आया। जब मुझे पता चला कि वह हेलमेट 15 हजार का है तो मैंने उसे डांटा और कहा कि इतना कीमती हेलमेट नहीं पहनना है। वह निराश हो गया। फिर मैंने उससे कहा कि इस हेलमेट के लिए तुझे इंडिया अंडर-19 या फिर मुंबई के लिए रणजी खेलना होगा। जिस तरह उसने गॉगल्स जीता, उसी तरह मुझसे हेलमेट भी जीत लिया।' पढ़ें: एक चुनौती अभी बाकी यशस्वी के लिए अगली चुनौती सबसे बड़ी है। ज्वाला ने बताया कि जब वह इंडिया अंडर-19 एशिया कप जीतकर आया तो मुझे इंडिया का कैप दिया। ऐसा इसलिए कि मेरा बर्थडे 23 तारीख को होता है और उसके जर्सी का नंबर भी 23 है। जब उसने मुझे कैप दिया तो मैंने पहनने से मना कर दिया। उसे थोड़ी निराशा हुई, लेकिन जब मैंने उससे कहा कि जिस दिन तुम इंडिया के लिए खेलोगे उस दिन पहनूंगा तो तुरंत इसे अगली चुनौती के रूप में स्वीकार कर लिया।


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